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Advanced Educational Research

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VOL. 10, ISSUE 1 (2025)
सार्क के संदर्भ में भारत की विदेश नीति
Authors
डॉ. अमिता मीना
Abstract
भारत की विदेश नीति में क्षेत्रीय सहयोग का विशेष महत्व रहा है, विशेषकर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के संदर्भ में। यह शोध-पत्र भारत की विदेश नीति के सिद्धांतों, सार्क की भूमिका, क्षेत्रीय राजनीति, आर्थिक सहयोग, सुरक्षा चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। दक्षिण एशिया विश्व का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ एक ओर सांस्कृतिक समानता और ऐतिहासिक जुड़ाव है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक मतभेद, सीमाई विवाद और विकास की असमानताएँ भी विद्यमान हैं। इन परिस्थितियों में भारत की विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और सहयोग को बढ़ावा देना रहा है। सार्क के माध्यम से भारत ने अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सुधारने, व्यापार को बढ़ाने और क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है। हालांकि, भारत-पाकिस्तान तनाव और अन्य राजनीतिक बाधाओं के कारण सार्क अपनी पूर्ण क्षमता तक नहीं पहुँच पाया है। फिर भी, यह संगठन क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बना हुआ है।
Pages:56-57
How to cite this article:
डॉ. अमिता मीना "सार्क के संदर्भ में भारत की विदेश नीति". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 10, Issue 1, 2025, Pages 56-57
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