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International Journal of
Advanced Educational Research

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VOL. 6, ISSUE 1 (2021)
अंग्रेजी की तरह ही होना चाहिए हिन्दी का भी एक मानक की-बोर्ड
Authors
रफी मोहम्मद शेख
Abstract
तकनीक के इस युग में अंग्रेजी के साथ ही हिन्दी कम्प्यूटिंग भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। टायपिंग के लिए की-बोर्ड की इस्तेमाल होता है, जो हमें सामान्यतः अंग्रेजी में ही नजर आता है। अंग्रेजी केटायपिंग की-बोर्ड का फॉरमेट एक समान (क्वार्टी) के रूप में है। यह स्टैंडर्ड है लेकिन हिन्दी के लिए ऐसा कोई स्टेण्डर्डाजाइजेशन अब तक नहीं हो पाया है। इसके पीछे समस्या हिन्दी में टायपिंग लिए अलग-अलग की-बोर्ड का इस्तेमाल है। आश्चर्य की बात है कि हिन्दी टायपिंग के लिए 100 से ज्यादा की-बोर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि फोनेटिक, रेमिंग्टन से लेकर इनस्क्रिप्ट तक के की-बोर्ड ही सबसे ज्यादा प्रचलन में है। अलग-अलग की-बोर्ड के कारण हिन्दी में एक की-बोर्ड का स्टैण्डर्ड ही नहीं बन पाया। अलग-अलग लोग अपने-अपने हिसाब से अलग-अलग की-बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें एक से दूसरे क्षेत्र और दूसरे के सिस्टम काम करने में काफी परेशानी आती है। अब जरूरत इसके लिए एक मानक की-बोर्ड तैयार करने की है, ताकि हिन्दी टायपिंग और कम्प्यूटिंग को वह गति प्रदान की जा सके, जिसकी उसे काफी समय से जरूरत है।
Pages:52-55
How to cite this article:
रफी मोहम्मद शेख "अंग्रेजी की तरह ही होना चाहिए हिन्दी का भी एक मानक की-बोर्ड ". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 6, Issue 1, 2021, Pages 52-55
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