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VOL. 5, ISSUE 4 (2020)
वर्तमान सन्दर्भ में दिवाकर के साहित्य की प्रासंगिकता
Authors
बलराम कुमार
Abstract
रामधारी सिंह दिवाकर बदलते गाँव के समर्थ कथाशिल्पी हैं। ग्रामीण जीवन की सूक्ष्म से सूक्ष्म संवेदना को अभिव्यक्त करने का अद्भुत कौशल और माटी की गंध से भरी इनकी तरल पारदर्शी भाषा विस्मित-विमुग्ध करती है। कथाभूमि और परिवेश की गहरी पकड़ तथा संलग्नता दिवाकर जी को अन्य कथाकारों से पृथक और विशिष्ट बनाती है।
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Pages:49-51
How to cite this article:
बलराम कुमार "वर्तमान सन्दर्भ में दिवाकर के साहित्य की प्रासंगिकता". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 5, Issue 4, 2020, Pages 49-51
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