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VOL. 4, ISSUE 1 (2019)
उदारीकरण और बाजार-व्यवस्था में आदिवासी हाट बाजारों की बदलती आकारिकी : झाबुआ के सन्दर्भ में अध्ययन
Authors
डाॅ0 हरि सिंह मीणा
Abstract
प्रस्तुत शोध विषय में यही अभिकत्थित किया गया है कि मध्यप्रदेश के अपेक्षाकृत पिछड़े एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था वाले आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में नई बाजार व्यवस्था के चलते विगत वर्षाें में नगरीय बाजार तंत्र का आंतरिक क्षेत्रों में प्रवेेश, सूचना क्रांति, ग्रामीण क्षेत्रों की आय में वृद्धि और उनके उपभोग के स्वरूप में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों के कारण इन परम्परागत हाट-बाजारों की संरचना, आकारिकी, कार्यिक स्वरूप, कार्यिक क्षेत्र एवं विपणित वस्तुओं की संख्या और स्वरूप के कारण भारी बदलाव की ओर अग्रसर हुए हैं। आगे आने वाले वर्षों में ये परिवर्तन अधिक तीव्र होने की पूरी सम्भावना है।
Pages:51-55
How to cite this article:
डाॅ0 हरि सिंह मीणा "उदारीकरण और बाजार-व्यवस्था में आदिवासी हाट बाजारों की बदलती आकारिकी : झाबुआ के सन्दर्भ में अध्ययन". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 4, Issue 1, 2019, Pages 51-55
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