Logo
International Journal of
Advanced Educational Research

Search

ARCHIVES
VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
वैदिक युगीन शिल्प कला : एक अध्ययन
Authors
उमेश कुमार
Abstract
भारतीय सभ्यता का प्राचीन रूप जानने के लिए वैदिक ग्रन्थों की उपयोगिता नितांत महत्तवपूर्ण है। वेदों एवं उत्तरवर्ती ग्रन्थों के अनुशीलन से वैदिक काल की समुन्नत आर्थिक एवं राजनीतिक अवस्था संबंधी अवधारणाओं का विवरण प्रयाप्ति रूप से उपलब्ध होता है। वेदो के अनेक मंत्रों में राष्ट्र की प्रतिष्ठता व सुदृढता और राष्टीय गौरव का आधार आर्थिक समुन्निती को माना गया है। राजा के कर्तव्यों में निर्दिष्ट किया जाता था कि उसे कृषि की उन्नति जनकल्याण, आर्थिक उन्नति व राष्ट सौंपा जा रहा है।
Pages:226-227
How to cite this article:
उमेश कुमार "वैदिक युगीन शिल्प कला : एक अध्ययन". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 226-227
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.