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VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
मुग़लकाल में प्रचलित त्यौहार
Authors
सुरेन्द्र
Abstract
मनुष्य अपने मनोरंजन के लिए सदैव तत्पर रहता है। वह प्रसन्न होता है तो किसी विशेष दिन को हर्षोल्लास से मनाता है। ऐसे ही विशेष दिनों को सामुहिक रूप से मनाये जाने को त्यौहार का रूप मिल जाता है। हर वर्ग, समाज, जाति अपने-अपने हिसाब से अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार अपने-अपने दिनों को विशेष रूप से मनाते हैं। यही विशेष दिन हिन्दुओं के त्यौहार, मुसलमानों के त्यौहार, ईसाईयों के त्यौहार के रूप में जाने जाते हैं। बादशाह का जन्मदिन भी जनता के लिए त्यौहार का ही रूप होता है। मध्यकालीन समाज में भी विभिन्न धर्मों के मानने वालों द्वारा अपने-अपने त्यौहार धूम-धाम से मनाए जाते थे। मध्यकालीन समाज में मनाये जाने वाले ऐसे ही कुछ हिन्दुओं और मुसलमानों के त्यौहारों को इस शोध-पत्र में दिखाने का प्रयास करेंगे।
Pages:395-396
How to cite this article:
सुरेन्द्र "मुग़लकाल में प्रचलित त्यौहार". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 395-396
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