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International Journal of
Advanced Educational Research

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VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
मुगलकालीन भारत में नगरीकरण
Authors
अशोक कुमार
Abstract
‘‘मुगलकालीन भारत में देश की अधिकतर जनसंख्या गांवों में रहती थी। नगरों या कस्बों में रहने वालों की संख्या अपेक्षाकृत रूप से बहुत कम थी किन्तु कम जनसंख्या होते हुए भी नगरों का उस समय के जन-जीवन तथा इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान था। मुगलकाल के नगर व्यापारिक और सामरिक महत्व रखते थे जिसके कारण ये यातायात व संचार के केन्द्र थे। हस्तशिल्प और उद्योगों के केन्द्र होने के कारण अनेक भारतीय नगरों ने यहाँ निर्मित वस्तुओं की विशिष्टता और गुणवत्ता के कारण विदेशों में भी प्रसिद्धि प्राप्त कर ली थी । बन्दरगाहों पर अनेक व्यापारिक नगरों का उद्य हुआ सबसे महत्वपूर्ण बात ये नगर राजनीति प्रशासन के केन्द्र बिन्दु के रूप में काम करते थे।मुगलकाल के कई नगर धार्मिक और सांस्कृतिक कारणों से विकास में आए थे। इनमें से कई सूफी संतो ंके निवास व दरगाह तथा हिन्दू तीर्थ स्थानों के कारण तीर्थ यात्रियों के केन्द्र बिन्दु बने रहे। मुगलकाल के नगर विशाल क्षेत्रफल और जनसंख्या वाले थे।’’
Pages:405-407
How to cite this article:
अशोक कुमार "मुगलकालीन भारत में नगरीकरण". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 405-407
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