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VOL. 2, ISSUE 6 (2017)
ह्नेनसांग के दृष्टिकोण में भारत (629 ई.-645 ई.)
Authors
सुरेन्द्र सिंह
Abstract
बौद्ध धर्म के प्रभाव के कारण चीन से समय-समय पर यात्री भारत में बौद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन अथवा धर्मग्रन्थों के संग्रह के लिए आए। उन्होंने भारत में भ्रमण कते हुए बौद्ध धार्मिक स्थलों के अतिरिक्त यहां की राजनैतिक, आर्थिक तथा सामाजिक दशा का भी यदा कदा वर्णन किया है जो भारतीय इतिहास के पुननिर्माण के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। इसमें फाह्यान, ह्नेनसांग, इत्सिंग व सुगयुंन आदि के विवरण प्रमुख है। परन्तु इनमें ह्नेनसांग का विवरण अधिक विश्वसनीय है, क्योंकि उसने भारत की सामाजिक धार्मिक, राजनैतिक व आर्थिक दशा का अन्य यात्रियों की अपेक्षा अधिक स्पष्ट एवं प्रभावी वर्णन किया है।
Pages:366-369
How to cite this article:
सुरेन्द्र सिंह "ह्नेनसांग के दृष्टिकोण में भारत (629 ई.-645 ई.)". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 2, Issue 6, 2017, Pages 366-369
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