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VOL. 2, ISSUE 5 (2017)
वैश्विक पर्यावरणीय संकट एवं गाँधीवादी विचारों की प्रासंगिकता
Authors
अमित कुमार सिंह
Abstract
अद्यतन स्थिति में पर्यावरणीय अपदूषण मानवीय सभ्यता के समक्ष एक गम्भीर चुनौती है। यह मानवीय जीवन के समक्ष यक्ष प्रश्न उपस्थित कर रहा है। यह विकृतियों का समारंभ है। विकृतियों के मूल में जीवन शैली की भौतिक प्रकृति है यदि जीवन और विकास के मध्य सुसंगति नहीं होगी तो ऐसी स्थिति में भविष्य अत्यन्त भयावह होगा। गाँधी के विचार पर्यावरण के सन्दर्भ एवं परिप्रेक्ष्य में एक दूरसंवेदी अन्र्तदृष्टि है। इसका लक्ष्य भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों के मध्य गाँधीवादी विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित करना है।
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Pages:400-402
How to cite this article:
अमित कुमार सिंह "वैश्विक पर्यावरणीय संकट एवं गाँधीवादी विचारों की प्रासंगिकता". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 2, Issue 5, 2017, Pages 400-402
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