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VOL. 2, ISSUE 4 (2017)
रामायण में नारी की स्थिति
Authors
डाॅ0 अशोक कुमार दुबे
Abstract
हमारी संस्कृति में नारी का स्थान अत्यन्त ऊँचा है। नारी को देवी के पद पर प्रतिष्ठित किया गया है। अपनी गरिमा, तेजस्विता के कारण भारतवर्ष की नारी सम्पूर्ण विश्व में पूजनीया है। नारी परिवार का केन्द्र बिन्दु है, समाज का आधार है। समय के अनुसार नारी की सोच उसकी मानसिकता में अन्तर आया है। स्त्री के प्रति समाज का भी दृष्टिकोण परिवर्तित हुआ है। कल घर आंगन तक सीमित नारी आज आकाश छूने को तत्पर ळें भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्थान प्राप्त है जीवन की धारा में नारी पुरूष के साथ मिलकर शक्ति का रूप लेकर साधिका बनती है। नारी सेवा और त्याग की मूर्ति है।
Pages:31-33
How to cite this article:
डाॅ0 अशोक कुमार दुबे "रामायण में नारी की स्थिति". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 2, Issue 4, 2017, Pages 31-33
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