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VOL. 2, ISSUE 2 (2017)
छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों तथा मानसिक स्वास्थ्य का अध्ययन: सहगामी पाठ्य क्रियाओं में भाग लेने के आधार पर
Authors
रेणु
Abstract
"पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे होंगे खराब" आजकल यह कहावत अपना अर्थ पूर्णतया खो चुकी है। आजकल शिक्षा का उद्देश्य मात्र पढ़ना लिखना सिखाना ही नहीं बल्कि विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना है। सर्वांगीण विकास से हमारा अभिप्रायः है बच्चे का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सृजनात्मक, सामाजिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक तथा मौलिक विकास। अतः छात्रों के सर्वोन्मुखी विकास के लिए पाठ्य सहगामी क्रियाएँ एक आवश्यक पहलू है। प्रस्तुत लेख में छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों तथा मानसिक स्वास्थ्य का अध्ययन किया गया जिसका आधार सहगामी पाठ्य क्रियाओं में भाग लेना है। प्रस्तुत अध्ययन के लिए नौंवी कक्षा के 150 विद्यार्थियों का चयन किया गया। जिनमें से 75 पाठ्य सहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले और 75 पाठ्य सहगामी क्रियाओं में भाग न लेने वाले हैं। अध्ययन में पाया गया कि जो विद्यार्थी पाठ्य सहगामी क्रियाओं में भाग लेते हैं तथा जो भाग नहीं लेते हैं, उनके मानसिक स्वास्थ्य में कोई अंतर नहीं है। यह पाया गया कि पाठ्य सहगामी क्रियाओं में भाग लेने वाले, भाग न लेने वालों से शैक्षणिक योग्यता में आगे है।
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Pages:46-48
How to cite this article:
रेणु "छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों तथा मानसिक स्वास्थ्य का अध्ययन: सहगामी पाठ्य क्रियाओं में भाग लेने के आधार पर". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 2, Issue 2, 2017, Pages 46-48
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