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VOL. 1, ISSUE 3 (2016)
भारत में संचालित आई0सी0आई0सी0आई0 और एस0बी0आई0 बैंकों की लाभप्रदत्ता का विश्लेषण
Authors
मनोज कुमार जाटव, डाॅ0 परमानन्द बरौदिया
Abstract
बैंकिंग एक अति प्राचीन व्यवसाय है। यद्यपि प्राचीन काल में वर्तमान जैसे बैंक नहीं थे, इस कारण विभिन्न देशों में बैंकिंग कार्य महाजन, सुनार एवं सर्राफ आदि के द्वारा ही किया जाता था। वर्तमान युग में बैंक वित्तीय सलाहकार, प्रतिनिधि तथा व्यवस्थापक का कार्य करते हैं, व्यापार तथा उद्योग के लिये यथोचित मात्रा में पूंजी की व्यवस्था करते है, समाज की बचतों को एक स्थान पर संग्रह कर उन्हें उपयोगी क्षेत्रों में विनियोजित करते हैं तथा देश की आर्थिक योजनाओं के लिये यथा समय धन की व्यवस्था कर देश की आर्थिक उन्नति में सक्रिय योगदान करते हैं। वर्तमान समय में प्रत्येक देश का उत्पादन, उद्योग एवं व्यापार आदि बैंकिंग व्यवस्था पर ही आश्रित होता है। आर्थिक एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं की सफलता के लिए प्रत्येक देश बैंकिग के विकास की ओर पर्याप्त ध्यान देता है। प्रस्तुत शोध पत्र में आई.सी.आई.सी.आई. एवं एस.बी.आई बैंकों की लाभप्रदत्ता का विश्लेषण किया गया है। शोध पत्र में चयनित बैंकों में लाभप्रदत्ता विश्लेषण के अंतर्गत शुद्ध लाभ का पूंजी से अनुपात, शुद्ध लाभ का शुद्ध मूल्य पर अनुपात, शुद्ध लाभ का सकल संचालन आय से अनुपात, पूंजी कोषों पर प्रत्याय की दर एवं सकल लाभ अनुपात की गणना तथा उन्हंे यथास्थान पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
Pages:18-23
How to cite this article:
मनोज कुमार जाटव, डाॅ0 परमानन्द बरौदिया "भारत में संचालित आई0सी0आई0सी0आई0 और एस0बी0आई0 बैंकों की लाभप्रदत्ता का विश्लेषण". International Journal of Advanced Educational Research, Vol 1, Issue 3, 2016, Pages 18-23
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